((سُبْحَانَكَ اللَّهُمَّ رَبَّنَا وَبِحَمْدِكَ، اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي)).
42. (पाक है तू ऐ अल्लाह! ऐ हमारे रब! और हर प्रकार की तारीफ़ तेरे ही लिए है। ऐ अल्लाह! मुझे बख़्श दे।) (1) ................... (1) बुख़ारी हदीस संख्याः794, मुस्लिम हदीस संख्याः484, दुआ संख्याः34 में ये रिवायत गुज़र चुकी है।
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham