((يَدْعُو لِنَفسِهِ بَيْنَ الْأَذَانِ وَالْإِقَامَةِ فَإِنَّ الدُّعَاءَ حِينَئِذٍ لاَ يُرَدُّ)).
26. (अज़ान और इक़ामत (तकबीर) के बीच अपने लिए दुआ करे, क्योंकि उस समय दुआ रद नहीं की जाती।) (1) ....................... (1) तिर्मिज़ी हदीस संख्याः3594,3595, अबू-दाऊद हदीस संख्याः525, अह़मद, हदीस संख्याः12200, देखिएः इर्वाउल्-ग़लीलः1/262
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham