((الْأَذْكَارُ وَقِرَاءَةُ الْقُرْآنِ)).
143. (मस्नून दुआएं और क़ुरआन की तिलावत।) (1) ............................ (1) (तुम अपने घरों को क़ब्रिस्तान मत बनाओ, शैतान उस घर से भागता है जिसमें सूरा बक़रा पढ़ी जाती है।) मुस्लिमः1/539,हदीस संख्याः780, और सूबह़-शाम तथा सोने-जागने की दुआएं, घर में प्रवेश करने और घर से बाहर निकलने की दुआएं, मस्जिद में प्रवेश करने और मस्जिद से बाहर निकलने की दुआएं भी शैतान को भगाती हैं। इसी तरह़ दूसरी मस्नून दुआएं जैसे सोते समय आयतुल-कुर्सी पढ़ना, सूरा बक़रा की अन्तिम दो आयतें पढ़ना तथा जो आदमी सौ बार ये दुआ पढ़ेःअल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं। वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं। बादशाही उसी की है, उसी के लिए सब तारीफ़ है और वह हर चीज़ पर क़ुदरत रखने वाला है, तो पूरा दिन शैतान से मह़फूज़ रहेगा। इसी तरह़ अज़ान भी शैतान को भगाता है।
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham