होमअज़कारतशह्हुद की दुआ ।ज़िक्र 1

तशह्हुद की दुआ । — ज़िक्र 1

التشهد · हिस्नुल मुस्लिम · 1 / 1

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((التَّحِيَّاتُ لِلَّهِ، وَالصَّلَواتُ، وَالطَّيِّباتُ، السَّلاَمُ عَلَيْكَ أَيُّهَا النَّبِيُّ وَرَحْمَةُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ، السَّلاَمُ عَلَيْنَا وَعَلَى عِبَادِ اللَّهِ الصَّالِحِينَ. أَشْهَدُ أَنْ لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّداً عَبْدُهُ وَرَسولُهُ)).

52. (ज़बान, बदन एवं माल के द्वारा की जाने वाली सारी इबादतें अल्लाह ही के लिए हैं। सलाम हो आप पर ऐ नबी! तथा अल्लाह की रहमत और उसकी बरकतें हों। सलाम हो हम पर और अल्लाह के नेक बन्दों पर। मैं गवाही देता हूं कि अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं और मैं गवाही देता हूं कि मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम उसके बन्दे औऱ उसके रसूल हैं।) (1) ......................... (1) बुखारी फ़त्ह़ुल-बारी के साथः2/311, हदीस संख्याः831, मुस्लिमः1/301, हदीस संख्याः402

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