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मस्जिद में दाखिल होने की दुआ । — ज़िक्र 1

دعاء الذهاب إلى المسجد · हिस्नुल मुस्लिम · 1 / 1

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(اللَّهُمَّ اجْعَلْ فِي قَلْبِي نُوراً، وَفِي لِسَانِي نُوراً، وَفِي سَمْعِي نُوراً، وَفِي بَصَرِي نُوراً، وَمِنْ فَوْقِي نُوراً، وَمِنْ تَحْتِي نُوراً، وَعَنْ يَمِينِي نُوراً، وَعَنْ شِمَالِي نُوراً، وَمِنْ أَمَامِي نُوراً، وَمِنْ خَلْفِي نُوراً، وَاجْعَلْ فِي نَفْسِي نُوراً، وَأَعْظِمْ لِي نُوراً، وَعَظِّم لِي نُوراً، وَاجْعَلْ لِي نُوراً، وَاجْعَلْنِي نُوراً، اللَّهُمَّ أَعْطِنِي نُوراً، وَاجْعَلْ فِي عَصَبِي نُوراً، وَفِي لَحْمِي نُوراً، وَفِي دَمِي نُوراً، وَفِي شَعْرِي نُوراً، وَفِي بَشَرِي نُوراً)([اللَّهُمَّ اجْعَلْ لِي نُوراً فِي قَبْرِي... وَنُوراً فِي عِظَامِي])[(وَزِدْنِي نُوراً، وَزِدْنِي نُوراً، وَزِدْنِي نُوراً)][(وَهَبْ لِي نُوراً عَلَى نُورٍ)]

19. (ऐ अल्लाह! मेरे दिल में नूर बना दे, मेरी ज़बान में में नूर बना दे, मेरे कानों में नूर बना दे, मेरी आंखों में नूर बना दे, मेरे ऊपर नूर बना दे, मेरे नीचे नूर बना दे, मेरे दाएं और बाएं नूर बना दे, मेरे आगे और पीछे नूर बना दे , मेरे प्राण में नूर भर दे मेरे लिए नूर को विशाल और बहुत ज़्यादा बड़ा बना दे, मेरे बदन में नूर बना दे और मुझे नूर बना दे। ऐ अल्लाह! मुझे नूर अता कर, मेरी मांसपेशियों में नूर भर दे, मेरे गोश्त में नूर भर दे, मेरे खून में नूर पैदा कर दे, मेरे बालों में नूर बना दे और मेरे चमड़े में नूर भर दे।) (1) ......................... (1) इन सभी शब्दों के लिए देखिएः बुखारीः11/116, हदीस संख्याः6316, मुस्लिमः1/526,529,530, हदीस संख्याः763 (2) तिर्मिज़ीः5/483,हदीस संख्याः3419 (3) बुखारी की अल-अदबुल-मुफ़रद, हदीस संख्याः695, पृष्ठः258, और शैख अल्बानी ने सह़ीह़ अदबुल-मुफ़रद (हदीस संख्याः536) में इसकी सनद को सह़ीह़ कहा है। (4) इसे इब्ने ह़जर ने फ़तह़ुल-बारी में जिक्र किया है और इब्ने आसिम की किताबुद्-दुआ की तरफ़ मंसूब किया है। देखिएःफ़त्ह़ुल-बारीः11/118, और कहा है कि विभिन्न रिवायतों से पचीस (25) चीज़ें जमा हो गईं।

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