((أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ)).
216. (मैं अल्लाह के पूरे शब्दों के साथ पनाह चाहता हूं उस चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की है।) (1) ......................... (1) मुस्लिमः4/2080, ह़दीस संख्याः2709
सुनें · आवाज़ Hamad al-Duraiham